Talak ke liye application in hindi | Format & Process
फ्रेंड्स आज के दौर में हम सब अपने आस पास जो माहौल देख रहे है उससे हमें समझ में आता है की आजकल रिश्तों का कोई मोल नही रहा है. हम ऐसा इसलिए कह रहे है क्योंकि, हर दूसरा कपल आजकल या तो तलाक लेने की धमकी देने में लगा है. या फिर किसी का तलाक का एप्लीकेशन कोर्ट में लगा हुआ है. अब इससे नुकसान भी बहुत सारे होते है.
लेकिन ये जो EGO नाम का शब्द है ये बहुत लोगों की जिंदगियां तबाह कर देता है. क्योंकि पहले के ज़माने में लोग किसी भी तरह से अपने रिश्ते को मरते दम तक निभा लेते थे. लेकिन आजकल ऐसा हो गया है जैसे की अभी तलाक के लिए अर्जी दे देंगे और कुछ पैसे लगाकर अपने मौजूदा जीवनसाथी से पीछा छुड़ा लेंगे. तथा पहले से ही दूसरा जीवन साथी देख रखे होने के कारण उसके संग रहने लग जायेंगे.
दोस्तों कम से कम हमारे देश भारत में तो ऐसा प्रचलन पहले नही था. इसलिए हम तो आपसे यहीं अपील करते है की अगर आप तलाक लेने के लिए जा रहे है तो पहले ठन्डे दिमाग से सोचें इसके बाद ही अपना फैसला लें. अगर सम्भव हो तो खुद झुककर भी देखे अपने मौजूदा जीवनसाथी के सामने हो सकता है की आपकी बात फिर से बन जाए. और आपका जीवन फिर से खुशहाल हो जाए.
क्योंकि तलाक लेने में घाटों की बात करें तो आपके बच्चे का भविष्य ठीक से नही बन पाता है. उल्टा आपको समय-समय पर अपने वकीलों को भर-भरकर पैसे देने होते है. तथा अगर आप मर्द है तो आपसे फिर एकमुश्त या फिर किश्तों में महीने के तौर पर अपनी बीवी का खर्चा भी देना होता है. इसलिए आप पहले आप इसके बारें में सोचे.
Divorce process in hindi-
अगर आपने इसके बारें में पहले से सोच लिया है और फिर भी आप तलाक लेने के बारें में सोच रहे है. तो दोस्तों यहाँ हम आपको सर्वप्रथम Divorce process in hindi बता रहे है, जिसे समझकर आप अपने लिए पारस्परिक सहमति से तलाक (Mutual Consent Divorce) की अर्जी दे सकते है:
- दस्तावेज: विवाह प्रमाणपत्र (यदि उपलब्ध हो), पहचान और पते के प्रमाण, विवाह की तस्वीरें, पति-पत्नी का पता, बच्चों से संबंधित दस्तावेज तथा जरूरत के अनुसार अन्य साक्ष्य इकट्ठा करें.
- याचिका: दोनों पक्ष एक साथ कोर्ट में याचिका दायर करते हैं और सहमति जताते हैं.
- सुनवाई: अदालत दस्तावेजों, पक्षकारों के बयान और मामले की परिस्थितियों पर विचार करती है. इस प्रक्रिया में आप सबसे पहले आपसी सहमती से बच्चों, भरण-पोषण और संपत्ति से जुड़े मुद्दे तय करें.
- आदेश: जब सब कुछ समझ में आ जाता है तो अदालत के संतुष्ट होने पर तलाक की डिक्री (Divorce Decree) जारी की जाती है. और फिर कपल का तलाक आसानी से हो जाता है.
Note- हालाँकि विवादित मामलों में ये करवाई बहुत लम्बी जा सकती है. और इसमें कई बरस तक लग सकते है. तथा इसमें आपको खर्चा भी बहुत भारी चुकाना पड़ता है. यहाँ सिर्फ हमने आपको आपसी सहमति से तलाक के बारें में बताया है.
Talak ke liye application in hindi-
जब आप अपनी याचिका दायर करते है तो आप अपने लिए तलाक पत्र (divorce letter in hindi) को इस प्रकार इस बताये गये प्रारूप के अनुसार लिख सकते है:
सेवा में,
श्रीमान प्रधान न्यायाधीश महोदय,
परिवार न्यायालय, जोधपुर, राजस्थान
विषय: आपसी सहमति से विवाह विच्छेद (तलाक) की डिक्री प्रदान करने हेतु संयुक्त आवेदन पत्र.
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हम निम्नलिखित आवेदक पति एवं आवेदिका पत्नी हैं:
प्रथम पक्ष (पति):
- नाम: अमित जाट
- पिता का नाम: रूपराम जाट
- पता: चोसिरावाली गाँव, जोधपुर, राजस्थान
द्वितीय पक्ष (पत्नी): - नाम: ममता चौधरी
- पिता का नाम: साधुराम जाट
- पता: रूपनगर, जोधपुर, राजस्थान
महोदय, हमारा विवाह दिनांक 05 जून 2020 को रूपनगर स्थान पर हिंदू रीति-रिवाजों/लागू विवाह कानून के अनुसार संपन्न हुआ था. विवाह के बाद हम पति-पत्नी के रूप में साथ रहे, लेकिन समय के साथ हमारे बीच वैचारिक मतभेद और आपसी समस्याएँ उत्पन्न हो गईं.
हालाँकि इससे पहले हमने अपने वैवाहिक संबंध को सुधारने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन अब हमारे बीच साथ रहना संभव नहीं हो पा रहा है. इसलिए हम दोनों ने बिना किसी दबाव, भय या अनुचित प्रभाव के अपनी स्वतंत्र इच्छा से विवाह संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया है.
हम दोनों निम्नलिखित बातों पर सहमत हैं:
- हम आपसी सहमति से विवाह विच्छेद चाहते हैं.
- भरण-पोषण या स्थायी गुजारा भत्ता के संबंध में हमारी सहमति इस प्रकार है: हम एक दुसरे से किसी भी प्रकार की वितीय सहायता नही चाहते है, क्योंकि हम दोनों कमाने के काबिल है.
- स्त्रीधन, आभूषण एवं अन्य संपत्ति के निपटारे के संबंध में सहमति इस प्रकार है: जो भी गहने वर पक्ष ने वधु पक्ष को दिए है उन्हें वधु पक्ष वाले वर पक्ष को वापस लौटा देंगे.
अतः श्रीमान से विनम्र निवेदन है कि हमारे संयुक्त आवेदन पर विचार करते हुए लागू कानून के अनुसार आपसी सहमति से विवाह विच्छेद की डिक्री प्रदान करने की कृपा करें.
धन्यवाद.
स्थान: रूपनगर, जोधपुर, राजस्थान
दिनांक: 15 जुलाई 2026
प्रथम पक्ष (पति) के हस्ताक्षर: अमित जाट
द्वितीय पक्ष (पत्नी) के हस्ताक्षर: ममता चौधरी
अधिवक्ता का नाम एवं हस्ताक्षर: मुकेश राजावत
Note- उपरोक्त Talak ke liye application in hindi को समझकर आप भी अपने विवाह का विच्छेद आसानी से कर सकते है. लेकिन दोस्तों अगर हो सकें तो तलाक लेने से पहले एक बार पति-पत्नी आपस में फिर से एक बार गहराई से सोचें.